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प्रदूषित शहरों में राहत का भरोसेमंद रास्ता : क्लासिकल होम्योपैथी
लखनऊ, 19 नवंबर 2025
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और लगातार बढ़ते प्रदूषण ने सांस से जुड़े रोगों विशेषकर COPD (Chronic Obstructive Pulmonary Disease) को चिंता का बड़ा कारण बना दिया है। महानगरों में रहने वाले लोग अक्सर लगातार खांसी, सीने में जकड़न, थकान और सांस फूलने जैसे लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। इसी जागरूकता को मजबूत करने के उद्देश्य से Help U Educational and Charitable Trust and Rana Homoeo Clinic द्वारा जवाहर भवन व इंदिरा भवन परिसर में निःशुल्क होम्योपैथिक परामर्श व दवा वितरण शिविर तथा निःशुल्क दंत शिविर का भव्य आयोजन किया गया।
शिविर में करीब 150 लोगों ने स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया और सभी ने इस सेवा को अत्यंत उपयोगी व प्रेरणादायक बताया।
🌿 क्लासिकल होम्योपैथी : सांसों की तकलीफ में उम्मीद की ताज़गी
आज जब प्रदूषण नई बीमारियाँ पैदा कर रहा है, ऐसे समय में क्लासिकल होम्योपैथी एक ऐसा उपचार पथ है जो सिर्फ लक्षणों को नहीं, बल्कि रोग की जड़ पर काम करता है।
क्यों है क्लासिकल होम्योपैथी COPD के लिए खास?
होम्योपैथी शरीर की आंतरिक हीलिंग क्षमता को सक्रिय करती है, जिससे फेफड़ों की कार्यक्षमता धीरे-धीरे बेहतर होती है।
यह व्यक्ति विशेष पर आधारित उपचार है हर मरीज की पूरी कहानी सुनी जाती है, उसके जीवन, आदतों, स्वास्थ्य इतिहास और मानसिक स्थिति को समझकर दवा दी जाती है।
यह पूरी तरह सुरक्षित है, बिना किसी साइड इफेक्ट के लंबे समय तक इस्तेमाल की जा सकती है।
अन्य लंबे उपचारों की तुलना में किफ़ायती है COPD जैसे क्रोनिक रोगों में मरीजों का आर्थिक बोझ काफी कम करता है।
जिन मरीजों को बार-बार सांस फूलने, खांसी या बलगम की समस्या रहती है, उनमें होम्योपैथी से धीरे-धीरे स्थायी सुधार देखने को मिलता है।
आज के समय में जब लोग प्रदूषण और तनाव से घिरे हैं, क्लासिकल होम्योपैथी एक प्राकृतिक, सरल और भरोसेमंद उपचार विकल्प बनकर उभर रही है।
शिविर की प्रमुख गतिविधियाँ
निःशुल्क जांच, परामर्श और दवा वितरण निम्न समस्याओं के लिए किया गया
COPD, अस्थमा और सांस की शिकायतें,रक्तचाप, मधुमेह,कान में सुनाई कम देना,गठिया, जोड़ों का दर्द, अकड़न,कब्ज़, भूख की कमी,प्रोस्टेट की सूजन
डॉ. राणा ने कहा
“प्रदूषित शहरों में COPD बहुत तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन समय पर पहचान और सही उपचार अपनाकर इसे नियंत्रित किया जा सकता है। क्लासिकल होम्योपैथी आज ऐसे मरीजों के लिए एक प्रभावी, सुरक्षित और किफायती विकल्प बन चुकी है।”
दंत स्वास्थ्य सेवाएँ डॉ. नेहा यश सक्सेना और टीम द्वारा दंत परीक्षण, कैविटी जांच, मसूड़ों के रोगों की पहचान, ब्रशिंग तकनीक और दांतों की सुरक्षा पर विस्तृत जानकारी दी गई। सभी लाभार्थियों को निःशुल्क माउथ गम पेंट और मल्टीविटामिन वितरित किए गए।
डॉ. नेहा ने बताया कि
“मौखिक संक्रमण शरीर में अन्य गंभीर बीमारियों को भी जन्म दे सकता है, इसलिए नियमित दंत परीक्षण अत्यंत आवश्यक है।”
🌼 जन-सेवा की निरंतरता
लाभार्थियों ने कहा कि ऐसे शिविर विशेष रूप से उन लोगों के लिए वरदान हैं जो नियमित चिकित्सा सुविधा नहीं ले पाते। Help U Educational & Charitable Trust और RANA HOMOEO CLINIC की ओर से बताया गया कि आगे भी हर माह ऐसे स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि स्वास्थ्य सेवाएँ आम जनता तक सरलता से पहुँच सकें।
शिविर में उपस्थित
डॉ. संजय कुमार राणा (होम्योपैथिक परामर्शदाता)
श्री राहुल राणा (फार्मेसिस्ट)
सुश्री दीपिका वर्मा, सुश्री सविता चौधरी (नर्सिंग स्टाफ)
डॉ. नेहा यश सक्सेना, डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, श्री अनुराग श्रीवास्तव, श्री मयूर श्रीवास्तव,
एडवोकेट श्री यश सक्सेना, ट्रस्ट के स्वयंसेवक