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स्वस्थ समाज की ओर 13 वर्षों का संकल्प
हेल्प यू ट्रस्ट के स्थापना दिवस पर भव्य मेगा हेल्थ कैंप
लखनऊ, 28 अप्रैल।
13 वर्ष पहले जब हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट की नींव रखी गई थी, तो उसका उद्देश्य केवल सेवा करना नहीं था, बल्कि सेवा को समाज की जीवनशैली बनाना था। आज यह सपना हकीकत बन रहा है। अपने 13वें स्थापना दिवस पर ट्रस्ट ने महाराजा अग्रसेन पब्लिक स्कूल, लखनऊ के सहयोग से एक भव्य मेगा हेल्थ कैंप आयोजित किया, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
300 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया लाभ
इस शिविर में 300 से अधिक विद्यार्थी और अभिभावक शामिल हुए और विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों से निःशुल्क परामर्श प्राप्त किया।
एलोपैथी ने त्वरित चिकित्सा व प्राथमिक उपचार की दिशा दिखाई।
दंत चिकित्सा ने छात्रों को मौखिक स्वास्थ्य और स्वच्छता के महत्व से अवगत कराया।
योग और मानसिक स्वास्थ्य ने तनावमुक्त और संतुलित जीवन जीने की कला सिखाई।
और सबसे खास, होम्योपैथी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया, जिसने रोग नहीं बल्कि रोगी को देखने की दृष्टि से लोगों को प्रभावित किया।
होम्योपैथी बनी जनविश्वास की धड़कन
इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता रही — ‘राणा होमियो क्लिनिक’ की उपस्थिति।
डॉ. संजय कुमार राणा और उनकी टीम ने न केवल विद्यार्थियों का परामर्श किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि होम्योपैथी केवल बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित करने की कला है।
डॉ. राणा ने शिविर के दौरान कहा:
“होम्योपैथी शरीर को ही नहीं, बल्कि मन और आत्मा को भी स्वस्थ बनाती है। यह केवल दवा नहीं, बल्कि रोगी के जीवन से संवाद है।”
क्लिनिक की ओर से सभी विद्यार्थियों और अभिभावकों को एक सप्ताह की निःशुल्क औषधियाँ भी दी गईं। इस पहल ने शिविर को और अधिक प्रभावी व यादगार बना दिया।
आज की दुनिया में होम्योपैथी का महत्व
21वीं सदी की सबसे बड़ी चुनौती है — तेजी से बदलती जीवनशैली और उससे उपजे स्वास्थ्य संकट।
प्रदूषण, तनाव, नींद की कमी और असंतुलित आहार ने बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक सभी को प्रभावित किया है।
एलोपैथी जहाँ त्वरित उपचार देती है, वहीं उसके साइड इफेक्ट्स लोगों को चिंतित करते हैं।
ऐसे समय में लोग प्राकृतिक और सुरक्षित चिकित्सा की ओर लौट रहे हैं, और यही कारण है कि होम्योपैथी का महत्व लगातार बढ़ रहा है।
क्यों है होम्योपैथी ज़रूरी?
आज की तेज़ रफ्तार दुनिया में होम्योपैथी एक संतुलन और विश्वास की धारा बनकर उभर रही है।
सेवा, सहयोग और संवेदना का संगम
इस स्वास्थ्य शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि रही — विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों का एक मंच पर आना।
यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि जब समर्पण, सहयोग और संवेदना एक साथ मिलते हैं, तो समाज को एक नई ऊर्जा मिलती है।
स्कूल प्रबंधन, ट्रस्ट के सदस्य और चिकित्सकों ने मिलकर ऐसा वातावरण तैयार किया, जहाँ हर विद्यार्थी और अभिभावक ने महसूस किया कि “स्वास्थ्य केवल दवा से नहीं, बल्कि सेवा और भरोसे से भी मिलता है।”
समाज को मिला नया संदेश
कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथि, चिकित्सक और शिक्षकों ने एक स्वर में कहा:
“यह केवल एक हेल्थ कैंप नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाली वह कड़ी है, जहाँ स्वास्थ्य और सेवा हाथों में हाथ डालकर चलते हैं।”
सभी ने इस विचार को भी प्रतिध्वनित किया —
“स्वस्थ समाज ही समृद्ध भारत की नींव है।”
भविष्य की दिशा
हेल्प यू ट्रस्ट का यह 13वाँ स्थापना दिवस केवल अतीत की उपलब्धियों का उत्सव नहीं था, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए एक नया संकल्प था।
ट्रस्ट का यह प्रयास साबित करता है कि जब स्वास्थ्य सेवाओं में दिल की सच्चाई, दवा की शक्ति और सेवा का समर्पण जुड़ता है, तो परिणाम केवल उपचार नहीं, बल्कि समाज का उत्थान होता है।
निष्कर्ष
आज जब पूरी दुनिया समग्र और सुरक्षित स्वास्थ्य पद्धतियों की ओर देख रही है, तब होम्योपैथी न केवल एक चिकित्सा प्रणाली है, बल्कि आशा और विश्वास का प्रतीक बन चुकी है।
डॉ. संजय कुमार राणा और उनकी टीम ने इस शिविर में जो सेवा दी, वह आने वाले समय में हजारों लोगों को प्रेरित करेगी।
हेल्प यू ट्रस्ट का यह कदम हमें याद दिलाता है कि —
👉 “स्वास्थ्य सेवा तब सबसे प्रभावी होती है, जब उसमें संवेदना और सेवा का संकल्प जुड़ा हो।”

















