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“मानसिक स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण में होम्योपैथी की बढ़ती भूमिका विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस पर लखनऊ में सफल चिकित्सा शिविर”
लखनऊ, 24 अगस्त 2025 | विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस के पावन अवसर पर हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट, राणा होम्यो क्लिनिक और माँ माधुरी बृज वारिस सेवा सदन ‘अपना घर’ संस्था के संयुक्त तत्वावधान में लखनऊ के मोती नगर स्थित ‘अपना घर’ संस्थान में निःशुल्क होम्योपैथिक परामर्श, निदान एवं दवा वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का विशेष उद्देश्य महिला लाभार्थियों को उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें होम्योपैथिक चिकित्सा की सरल, सुरक्षित और प्रभावी विधि से लाभान्वित करना था।
इस शिविर में कुल 84 महिला लाभार्थियों ने भाग लिया। उनकी जाँच में रक्तचाप, मधुमेह, हृदय व श्वसन रोग, गठिया, कब्ज, भूख की कमी, कान एवं श्रवण से जुड़ी समस्याओं के साथ-साथ मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद जैसे विकारों पर विशेष ध्यान दिया गया। सभी को उनकी स्थिति अनुसार एक सप्ताह की निःशुल्क दवा प्रदान की गई।
🌿 होम्योपैथी और मानसिक स्वास्थ्य: एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण
आधुनिक समय में मानसिक विकार सबसे बड़ी चुनौती बन चुके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, आने वाले वर्षों में मानसिक तनाव और अवसाद, हृदय रोगों के बाद विश्व का दूसरा सबसे बड़ा स्वास्थ्य बोझ बनेंगे। विशेष रूप से महिलाएँ, अपने जीवन के विभिन्न चरणों – किशोरावस्था, मातृत्व और रजोनिवृत्ति – में शारीरिक परिवर्तनों के साथ-साथ भावनात्मक उतार-चढ़ाव का भी सामना करती हैं।
यही कारण है कि इस शिविर में मानसिक विकारों पर फोकस किया गया। होम्योपैथी शरीर और मन दोनों पर एक साथ असर करती है। यह उपचार केवल लक्षणों को दबाता नहीं, बल्कि रोग की जड़ तक पहुँचकर स्थायी सुधार लाने का प्रयास करता है।
🩺 डॉ. संजय राणा के विचार
शिविर का उद्घाटन दीप प्रज्वलन से किया गया, जिसमें डॉ. संजय कुमार राणा (होम्योपैथिक परामर्शदाता चिकित्सक), श्री राहुल राणा, श्री संतोष कुमार राणा तथा नर्सिंग स्टाफ सुश्री दीपिका वर्मा और सुश्री प्रतिमा उपस्थित रहे।
डॉ. राणा ने कहा – “एक स्वस्थ महिला पूरे परिवार और समाज की धुरी होती है। यदि वह मानसिक और शारीरिक रूप से संतुलित है तो परिवार की ऊर्जा और प्रगति स्वतः बढ़ती है। होम्योपैथी मानसिक विकारों जैसे अवसाद, अनिद्रा, चिंता, तनाव, यहाँ तक कि ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (OCD) में भी अद्भुत परिणाम देती है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह उपचार पूरी तरह सुरक्षित है और इसके कोई दुष्प्रभाव नहीं हैं।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में महिलाएँ चुपचाप मानसिक दबाव झेलती रहती हैं। समाज में मानसिक बीमारियों पर खुलकर चर्चा नहीं होती, ऐसे में होम्योपैथी न केवल एक इलाज है बल्कि आशा और सहारा भी है।
👩⚕ महिला स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
इस शिविर में जिन प्रमुख मानसिक व शारीरिक समस्याओं का निदान किया गया उनमें शामिल हैं –
मानसिक तनाव व चिंता
नींद की समस्या (Insomnia)
अवसाद (Depression)
सीने में जकड़न, श्वसन समस्या
गठिया व जोड़ों का दर्द
कब्ज व पाचन विकार
श्रवण व कान संबंधी रोग
भूख में कमी
हर रोगी को विस्तृत परामर्श दिया गया ताकि वे समझ सकें कि बीमारी केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक संतुलन का भी हिस्सा है।
🙌 सहयोग और सामाजिक सहभागिता
शिविर की सफलता में हेल्प यू ट्रस्ट के युवा स्वयंसेवकों – ईशान रस्तोगी, पलक श्रीवास्तव, तनीषी मिश्रा, वैभव राज, अनाशा, जाह्नवी, मानसी सिंह, श्रेया चौहान, कवलप्रीत कौर, लिजा रानी साहू, यशभा और आर्या शुक्ला – का अमूल्य योगदान रहा।
साथ ही, माँ माधुरी बृज वारिस सेवा सदन ‘अपना घर’ की समर्पित महिला सदस्यों – सुश्री निहारिका जोशी, सुश्री उपमा सिंह, सुश्री पिंकी, सुश्री माया, सुश्री राजकुमारी और सुश्री मंजू – ने पूरे आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
🌍 व्यापक संदेश
इस शिविर से यह स्पष्ट संदेश गया कि –
मानसिक विकार कोई कमजोरी नहीं, बल्कि इलाज योग्य स्थिति है।
होम्योपैथी एक समग्र चिकित्सा प्रणाली है, जो शरीर और मन दोनों पर असर डालती है।
महिला स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन ही परिवार और समाज के स्वास्थ्य की नींव है।
लखनऊ में आयोजित यह शिविर केवल चिकित्सा सेवा नहीं था, बल्कि एक आंदोलन की तरह था जिसने यह साबित किया कि मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना उतना ही ज़रूरी है जितना शारीरिक स्वास्थ्य पर।
आज जब तनाव और अवसाद समाज के हर कोने तक पहुँच चुके हैं, होम्योपैथी की कोमल, सुरक्षित और प्राकृतिक चिकित्सा प्रणाली मानसिक विकारों से जूझ रहे लाखों लोगों के लिए नई आशा लेकर आई है।
यह शिविर एक उदाहरण है कि यदि चिकित्सा, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों का समन्वय हो, तो मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य सुधार की दिशा में समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।





